- कीबोर्ड
- माउस
- चित्र स्कैनर
- माइक्रोफोन
- खेल नियंत्रक
- वेब कैमरा
- टचपैड, आदि होते है
माउस
कंप्यूटर की शुरुवात से ही इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता हैं। कंप्यूटर या लैपटॉप पर हमको किसी आइकॉन को खोलने के लिए माउस का इस्तिमाल करते है। माउस मे भी बहुत प्रकार होते है जिसको हम अपनी पसंद के अनुसार ले सकते है यह बाजार में छोटे-बड़े सभी प्रकार दे देखने को मिलते हैं। इसको कंप्यूटर को जल्दी चलाने के लिए इस्तिमाल करते हैं।कीबोर्ड की तुलना मे माउस की मदद से कंप्यूटर को ज्यादा तेज़ी से चलाया जाता हैं। माउस के निचे एक छोटी लेज़र लगी होती है जैसे आप माउस को हिलाते है तो लेज़र की मदद से कंप्यूटर को पता चल जाता है की अब उसको माउस का पॉइंटर को किस दिशा में हिलना हैं।
चित्र स्कैनर
स्कैनर डिवाइस कंप्यूटर के साथ जोड़ा ज्यादा वाला एक बहुत उपयोगी यंत्र है जिसकी मदद से कोई कागजी या चित्र को स्कैनर दुवारा कंप्यूटर मे डाला जाता है। इसके चित्र स्कैनर के दुवारा किसी भी दस्तावेज़ को कागज़ी प्रति से इलेक्ट्रॉनिक प्रति बनाया जाता है और इसको ईमेल और मोबाइल फ़ोन पर आसानी से भेजा या सुरक्षित रखा जाता हैं। स्कैनर मे बहुत सारे छोटे-छोटे कैमरा लगे होते है जिसकी मदद से वे एक तस्वीर बना कर कंप्यूटर को भेज देता है जिससे दस्तावेज़ को आप कंप्यूटर स्क्रीन पर देख पाते हैं।
माइक्रोफोन
माइक्रोफोन का उपयोग दुनिया मे सभी लोग करते है इसको लैपटॉप, कंप्यूटर, कैमरा मे, वीडियो में आवाज डालने और फ़ोन में बात करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह आवाज रिकॉर्ड करके दूसरे व्यक्ति की तरफ भेजता है जिससे दूसरा व्यक्ति आसानी से आपकी आवाज सुन्न सके। जब हम कोई आवाज रिकॉर्ड करते है तो वे आवाज माइक्रोफोन के जरिये आपके कंप्यूटर के अंदर जाती है और इसको आप कंप्यूटर मे लगे स्पीकर दुवारा सुन्न सकते है।
वेब कैमरा
कंप्यूटर पर वेब कैमरा वीडियो कालिंग के लिए किया जाता है यह आपकी वीडियो को रिकॉर्ड करके कंप्यूटर के अंदर रखता है और इंटरनेट के माधियम से दूसरे वियक्ति के कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखता है। आज-कल के सभी फ़ोन मे यह काम फ़ोन के सामने वाले कैमरा की मदद से किया जाता है और आसानी से वीडियो कालिंग हो जाती है परन्तु पहले के समाये मे इसको एक बहुत महंगा डिवाइस माना जाता था और बहुत कम लोग इसको इस्तेमाल करते थे।
टचपैड
लैपटॉप मे होने वाले माउस की जगह टचपैड ने ली है। टचपैड अंदर लगी लेज़र की मदद से आपकी उंगली को खोज लेता है और उंगली के स्थान-परिवर्तन अनुसार आपके कंप्यूटर पर माउस का पॉइंटर अपना स्थान-परिवर्तन करता हैं। इसकी अंदर लगी लेज़र आपकी उंगली का डाटा बनती लेती है और वे डाटा को कंप्यूटर मई भेज कर आपकी स्क्रीन पर माउस पॉइंटर को चलती हैं।
मैंने इस लेख के जरिये आपको इनपुट डिवाइस के बारे मे बताया हैं की इनपुट डिवाइस क्या हैं?, यह कितने प्रकार के होते हैं? और यह कैसे काम करते हैं?। अगर आपको किसी डिवाइस के बारे मे जानना है की वे इनपुट डिवाइस है या आउटपुट डिवाइस आप हमे कमेंट करके बता सकते है या फिर कांटेक्ट फॉर्म भर कर बता सकते है हम आपके सवाल का उतर जरूर देंगे।
